1प्राइवेट स्कूल बढ़ी फीस 14 दिनों में लौटाएं

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिया है जिन्होंने सरकार के ऑर्डर के बावजूद अभी तक ज्यादा ली गई फीस वापस नहीं की है, वह प्रिंसिपल अमाउंट का 75 पर्सेंट 14 दिनों के अंदर वापस करें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो कोर्ट ने कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।

स्कूल्स को आदेश

जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और नजमी वजीरी की बेंच ने स्कूल्स को आदेश दिया है कि वह फीस कैश, फिक्स डिपोजिट या फिर ड्राफ्ट रजिस्ट्रार के नाम, हाई कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराएं। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि 2011 से अब तक 6 साल बीत गए हैं, आप (स्कूल्स) जस्टिस अनिल देव कमिटी की सिफारिशों का पालन नहीं कर पाए हैं जिसमें उन्होंने ज्यादा वसूली गई फीस को वापस करने की बात कही है।

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कोर्ट ने कहा कि स्कूलों को काफी ज्यादा टाइम दिया गया इसके बावजूद स्टूडेंट्स से वसूली गई ज्यादा फीस वापस नहीं की गई। हम मानते हैं कि कमिटी ने जो भी अमाउंट का आंकलन किया होगा उसमें जरूर ऊपर-नीचे हो सकता है। लेकिन उसकी वजह से पूरे प्रोसेस पर रोक लगाना जायज नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट स्कूलों की ओर दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें स्कूलों ने जस्टिस अनिल देव कमिटी की सिफारिशों पर दोबारा से विचार करने के लिए कहा है। स्कूलों ने डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन के 29 मई के ऑर्डर को भी चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि स्कूल अगर फीस वापस नहीं करेंगे तो उन स्कूलों को डिपार्टमेंट टेकओवर या फिर उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।

कोर्ट ने यह आदेश स्कूलों की ओर पेश हुए वकील सलमान खुर्शीद और अमित सिबल के कहने पर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कमिटी ने जो आंकलन किया है उसमें कुछ कमियां हैं। इस मामले में कोर्ट अब 25 सितंबर को सुनवाई करेगा।

By:NBT

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