The Bihar News- Ransomware-virus-attack

खास बातें:

  • रैनसमवेयर से प्रभावित सिस्टम्स को अनलॉक करना लगभग नामुमकिन होता है। इसमें आपके डेटा का लैंग्वेज़ बदल दिया जाता है, जिसे खुद से डीकोड करना संभव नहीं है।
  • ये किसी भी तरह के फाइल्स वीडियो, ऑडियो, फोटो, टेक्स्ट के कोड को अपने हिसाब से बदल सकता है।
  • अगर आपका कंप्यूटर इससे प्रभावित होता है तो आपके सामने एक इमेज या मैसेज के रूप में फिरौती की रकम और फिरौती देने की अवधी डिसप्ले की जाएगी।
  • फिरौती बस बिटक्वाइन के रूप में ली जाती है, क्योंकि इसे ट्रैक करना किसी भी हाल में संभव नहीं होता।
  • रैनसमवेयर के हमले में साधारण एंटीवायरस कारगर नहीं होते।
  • ये एक सिस्टम से होते हुए लोकल नेटवर्क में जुड़े दूसरे कंप्यूटर्स में भी फैल सकता है।
  • कैसे होता रैनसमवेयर का हमला:
  • सबसे पहले पीड़ित को एक इमेल आता है जिसमें एक  इंफेक्टेड लिंक या अटैचमेंट होता है।
  • जैसे ही उस लिंक को क्लिक किया जाता है या अटैचमेंट डाउनलोड किया जाता है, एक डाउनलोडर उस कंप्यूटर में इंस्टॉल हो जाता है।
  • वो डाउनलोडर उस कंप्यूटर में रैनसमवेयर प्रोग्राम डाउनलोग कर देता है।
  • इसके बाद हार्ड डिस्क में मौजूद सारे डेटा को एनक्रिप्ट कर लिया जाता है या आसान शब्दों में कहें तो उन डेटा का लैंग्वेज और कोड बदल दिया जाता है।
  • और अंत में स्क्रीन पर डेटा के डीक्रिप्शन यानी की वापस आपका डेटा आपको देने के एवज़ में फिरौती कितनी कैसे और कबतक देनी है इसका एक मैसेज आता है।
  • ये सब इतनी जल्दी सेकंड भर के अंदर में हो जाता है कि कई बार लोग यकीन ही नहीं करते और उन्हें लगता है कि ये कोई मज़ाक है।

 

 आगे पढ़े : रैनसमवेयर से नुकसान 

 

Facebook Comments