2. गोलघर


1770 ईस्वी में इस क्षेत्र में आए भयंकर अकाल के बाद 137000 टन अनाज भंडारण के लिए बनाया गया यह गोलाकार ईमारत अपनी खास आकृति के लिए प्रसिद्ध है। 1786 ईस्वी में जॉन गार्स्टिन द्वारा निर्माण के बाद से 29 मीटर ऊँचा गोलघर0 पटना शहर का प्रतीक चिह्न बन गया। आधार पर 3.6 मीटर चौड़े दिवाल के शीर्ष पर दो तरफ बनी घुमावदार सीढियों से ऊपर चढकर पास ही बहनेवाली गंगा और इसके परिवेश का शानदार अवलोकन संभव है।

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Krish is the co-founder of The Bihar News. He writes about social issues, startups, entrepreneurship & technology. He likes learning new things & believes that there can never be an end to learning. His interests include networking, traveling, reading, riding & of course food!