2मंदिर का निर्माण काल विवादस्पद

मंदिर को भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है, पर कितना प्राचीन, इसका कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है। इस मंदिर को दुनिया का ‘सबसे पुराना कार्यात्मक’ मंदिर माना जाता है।  कहा जाता है कि इस मंदिर में पिछले 1900 सालों से लगातार पूजा हो रही है। एक शिलालेख से पता चलता है कि 635 ई. में यह निश्चित रूप से विद्यमान था। मंदिर के पास से एक दो टुकड़ो में खंडित 18 पंक्तियों का शिलालेख भी प्राप्त हुआ है जिस की भाषा से पता चलता है की  गुप्त काल से भी पहले इस मंदिर का निर्माण हुआ होगा। इस की लिपि और लिखने के ढंग के आधार पर इतिहासकारो द्वारा इसे 108 ईस्‍वी सन् में उत्‍कीर्ण माना गया है। मंदिर की प्राचीनता का आभास यहां मिले ‘महाराजा दुत्‍तगामनी’ की मुद्रा (seal) से भी होता है, जो ईसा पूर्व 101-77 में श्रीलंका का शासक रहा था।

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